विश्व पृथ्वी दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार का संदेश
बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि “धरती हमारी माँ है, और इसका संरक्षण हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि और जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है, लेकिन आज मानव की लापरवाही और स्वार्थ के कारण यह गंभीर संकट का सामना कर रही है।
बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि “धरती हमारी माँ है, और इसका संरक्षण हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि और जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है, लेकिन आज मानव की लापरवाही और स्वार्थ के कारण यह गंभीर संकट का सामना कर रही है।
डॉ. कुमार ने कहा कि तेजी से बढ़ते औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ दिया है। जंगलों की कटाई, नदियों का प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं आज मानवता के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धों के कारण न केवल जान-माल की हानि होती है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंचती है। युद्धों में बड़े पैमाने पर ईंधन के उपयोग और रासायनिक हथियारों के कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड एवं विषैले तत्वों का उत्सर्जन बढ़ रहा है, जो पूरी पृथ्वी के लिए खतरा है।
डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार में बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो पर्यावरण असंतुलन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने बताया कि जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही मानव जीवन की वास्तविक पूंजी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पृथ्वी दिवस की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” है, जो हमें यह संदेश देती है कि पृथ्वी की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। इस दिशा में उन्होंने तीन महत्वपूर्ण पहल—मंगल वाटिका, अक्षय वाटिका और नक्षत्र वाटिका—के माध्यम से वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।
अध्यक्ष महोदय ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं, जैसे—पेड़-पौधे लगाना, पानी और बिजली की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना और स्वच्छता बनाए रखना। साथ ही बच्चों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। अंत में उन्होंने कहा, “धरती है तो जीवन है, धरती नहीं तो कुछ भी नहीं। आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें कि अपनी धरती को सुरक्षित, स्वच्छ और हरित बनाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।” पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।